गोधूलि – II(काव्य खण्ड). (3. अति सूधो सनेह को मारग है / Ati sudho saneh ko maarag hai)

3. अति सूधो सनेह को मारग है

Ati sudho saneh ko maarag hai

यहाँ वर्ग-10 के पुस्तक “गोधूलि(भाग-2) काव्य खण्ड” के अध्याय-3. “अति सूधो सनेह को मारग है(Ati sudho saneh ko maarag hai)” से कुछ महत्वपूर्ण अति लघु उत्तरीय प्रश्न-उत्तर लिया गया है जो कि कक्षा-10 तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी होंगे।

1. कवि घनानंद सुजान के आंगन में बरसने की प्रार्थना किससे करते हैं?
उत्तर- मेघ।

2. ‘अति सूधो स्नेह’को मारग है, जहां नेकु सयानप बाँक नहीं’ यह पंक्ति किस कवि की है?
उत्तर- घनानंद।

3. घनानंद किस काल के कवि थे?
उत्तर- रीतिकाल।

4. घनानंद की रचना है?
उत्तर- सुजानसागर।

5. कवि प्रेम मार्ग को ‘अति सूधो’ क्यों कहता है?
उत्तर- यहां कपटी लोग चलने से झिझकते हैं,
यहां सच्चाई भी अपना घमंड त्याग कर चलती है,
यहां तनिक भी चतुराई काम नहीं करती है।

6. ‘अति सूधो स्नेह’ को मारग है, शीर्षक सवैया किसकी रचना है?
उत्तर- घनानंद।

7. घनानंद ने अपनी सवैया में ‘ सुजान’ कह कर किसे पुकारता है?
उत्तर- सुजान नामक नर्तकी को।

8. कवि घनानंद के अनुसार प्रेम का मार्ग कैसा है?
उत्तर- अत्यंत सरल।

9. घनानंद के प्रमुख ग्रंथ है?
उत्तर- रस केली बल्ली, विहरलिला, सुजान सागर।

10. नादिरशाह के सैनिकों ने किसे मार डाला?
उत्तर- घनानंद को।

11. घनानंद मोहम्मद शाह रंगीला के क्या थे?
उत्तर- मीर मुंशी।

12. किसे ‘प्रेम की पीर’ का कवि कहा जाता है?
उत्तर- घनानंद।

13. घनानंद को किन के सैनिकों ने मारा था?
उत्तर- नादिर शाह।

14. कवि घनानंद “मन लहू पे देहु छँटाक नहीं” कहकर सुजान से कितना प्रेम मांगा है?
उत्तर- छँटाक भर।

15. नादिरशाह के सैनिकों द्वारा घनानंद कब मारे गए?
उत्तर- 1739

16. ‘तुम कौन सी पारी पढ़ें हौ कहौ मन लहू पे देहु छँटाक नहीं’ पंक्ति किस कविता की है?
उत्तर- अति सूधो स्नेह को मारग है।

17. घनानंद किस भाषा के कवि हैं?
उत्तर- ब्रजभाषा।

18. घनानंद का जन्म कब हुआ था?
उत्तर- 1689

19. घनानंद किस काव्य धारा के श्रेष्ठ कवि है?
उत्तर- रीतिमुक्त।

गोधूलि – II (गद्द खण्ड)

1. श्रम विभाजन और जाति प्रथा2. विष के दांत
3. भारत से हम क्या सीखें4. नाखून क्यों बढ़ते हैं
5. नागरी लिपि6. बहादुर
7. परंपरा का मूल्यांकन8. जित-जित मै निरखत हूं
9. आविन्यों10. मछली
11. नौबतखाने में इबादत12. शिक्षा और संस्कृति
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