सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक जीवन – I. (2. ग्रामीण जीवन यापन के स्वरूप / Gramin jivan yapan ke swaroop)

 2. ग्रामीण जीवन यापन के स्वरूप

Gramin jivan yapan ke swaroop

यहाँ वर्ग-6 के पुस्तक “सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक जीवन-I” के अध्याय-2. “ग्रामीण जीवन यापन के स्वरूप(Gramin jivan yapan ke swaroop)” से कुछ महत्वपूर्ण अति लघु उत्तरीय प्रश्न-उत्तर लिया गया है जो कि कक्षा-6 तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी होंगे।

1. भारत में लगभग कितने गांव हैं?
उत्तर- 6 लाख से अधिक।

2. वैसे किसान जो अपने खेतों से हुए अनाज से प्रतिवर्ष जीवन यापन कर लेते हैं, तथा दूसरे के खेतों में मजदूरी नहीं करना पड़ता है, वह क्या कहलाता है?
उत्तर- मध्यम किसान।

3. मध्यम किसान के पास लगभग कितने जमीन होते हैं?
उत्तर- 5 एकड़।

4. सीमांत किसान के पास कितने जमीन होते हैं?
उत्तर- 1 एकड़ और 1.5 बीघा।

5. वैसे किसान जो अपने खेतों से जीवनयापन नहीं कर पाते उन्हें मजदूरी की जरूरत पड़ती है, वह किसान क्या कहलाते हैं?
उत्तर- सीमांत किसान।

6. लगभग 15 एकड़( 24 बीघा) वाले किसान कहलाते हैं?
उत्तर- बड़े किसान।

7. वैसे व्यक्ति जिनके पास थोड़ा भी जमीन नहीं है कहलाते हैं?
उत्तर- कृषक मजदूर।

8. टोकरी बनाना, मिट्टी के बर्तन, ईट, झाड़ू, सूप, पंखा, चटाई बनाना ये सभी कौन से कार्य के अंतर्गत आते हैं?
उत्तर- गैर कृषि कार्य।

1. विविधता के समझ2. ग्रामीण जीवन यापन के स्वरूप
3. शहरी जीवन यापन के स्वरूप4. लेन-देन का बदलाव स्वरूप
5. हमारी सरकार6. स्थानीय सरकार
7. सड़क सुरक्षा उपाय
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